भूजल संरक्षित रखने वाले पोखरों की किसी को सुधि नहीं

राउरकेला : राउरकेला महानगर निगम क्षेत्र में 20 तालाब देखरेख के अभाव में बदहाल हैं। स्थानीय लोग वर्षों से इन तालाबों का उपयोग नहाने एवं अन्य कार्य के लिए करते रहे हैं पर इनमें जलकुंभी, घासफूस एवं कचरा भरा होने के कारण इनका पानी उपयोग के लायक नहीं रह गया है। राज्य सरकार की ओर से कोरोना संक्रमण काल में प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए पांच करोड़ रुपये मुहैया कराये गए हैं। इस राशि से नालियों की सफाई की जा रही है पर इन तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना इसमें शामिल नहीं है।

राउरकेला के मधुसूदनपल्ली में मंडल पोखरी, गोपबंधुपल्ली तालाब, शक्तिनगर, एसटीआइ चौक, रिवर्ज लाइन, ईएसआइ मॉडल अस्पताल के पास शांति कॉलोनी तालाब, ओएसएपी तालाब, पुलिस कॉलोनी तालाब, बसंती कॉलोनी डीएवी तालाब, रेलवे कॉलोनी तालाब, तिलकानगर तालाब, बंडामुंडा चूड़ी बस्ती तालाब आदि की सफाई व जीर्णोद्धार का काम नहीं हो पाया है। राउरकेला महानगर निगम क्षेत्र में मनरेगा के तहत लोगों को रोजगार के लिए पांच करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। यह राशि खर्च करने के लिए 139 योजनाएं बनाई गई हैं तथा 139 पंजीकृत महिला स्वयंसहायता समूहों को इसका काम दिया गया है। इससे नगर निगम क्षेत्र के तालाब के जीर्णोद्धार, ड्रेन की सफाई, वाल पेंटिग समेत अन्य कार्य करना है। नगर निगम की ओर से झारतरंग क्षेत्र के दो तीन तालाबों की सफाई का काम किया गया पर राउरकेला शहर के अंदर के दस तालाबों की सफाई का कार्य इसमें शामिल नहीं किया गया है। डीएवी तालाब के जीर्णोद्धार की योजना बनी थी पर इसका काम अभी शुरु नहीं हो पाया है। बंडामुंडा चूड़ी बस्ती तालाब पर पहले भी नगरपालिका की ओर से सफाई का काम हुआ है पर अब इस दिशा में काम नहीं हो रहा है। पूर्व नगरपाल रमेश बल ने बताया कि उनके कार्यकाल में तालाबों की सफाई के लिए विशेष तौर पर काम हुआ था पर उसके बाद हमेशा से ही तालाबों की उपेक्षा की जाती रही है। शहर के विभिन्न योजनाओं में राउरकेला महानगर निगम करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है पर तालाबों के जीर्णोद्धार के प्रति दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। श्रम आधारित कार्य के जरिए तालाबों की सफाई का काम भी कराने पर उन्होंने जोर दिया है ताकि स्थानीय लोग उनका इस्तेमाल कर सकें।

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